उत्तराखंड के मंडल और जनपद (Divisions and Districts of Uttarakhand)
उत्तराखंड सामान्य अध्ययन की इस सीरीज के पहले भाग में हमने उत्तराखंड की सामान्य जानकारी को समझा, उसके बाद अगले भाग में हमने उत्तराखंड के राज्य प्रतीक चिन्हों के बारे में विस्तृत रूप से जाना था।
इस ब्लॉग पोस्ट में हम उत्तराखंड के सभी जिलों, उनके स्थापना वर्ष, मुख्यालय और उनके क्षेत्रफल के बारे में जानेंगे। ध्यान दें कि आगे आने वाले पोस्ट्स में हम हर जनपद का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जिसमें हम हर जिले के इतिहास, भूगोल, संस्कृति, मेले, नदियाँ, प्रमुख स्थान और मंदिर आदि के बारे में जानेंगे।
उत्तराखण्ड के मंडल (Divisions of Uttarakhand) – Garhwal and Kumaun
उत्तराखण्ड में कुल 13 जनपद हैं। प्रशासनिक दृष्टि से उत्तराखण्ड 2 मंडलों में विभाजित है – कुमाऊँ मंडल और गढ़वाल मंडल। कुमाऊँ मंडल के अंतर्गत 6 जनपद आते हैं और गढ़वाल मंडल 7 जनपदों से मिलकर बना है। कुमाऊँ मंडल का मुख्यालय नैनीताल में स्थित है और गढ़वाल मंडल का मुख्यालय पौड़ी में स्थित है।
गढ़वाल मंडल के अंतर्गत निम्न 7 जनपद आते हैं –
- चमोली
- देहरादून
- हरिद्वार
- पौड़ी गढ़वाल
- रुद्रप्रयाग
- टिहरी गढ़वाल
- उत्तरकाशी
कुमाऊँ मंडल के अंतर्गत 6 जनपद हैं जो निम्नलिखित हैं–
- अल्मोड़ा
- बागेश्वर
- चम्पावत
- नैनीताल
- पिथौरागढ़
- ऊधम सिंह नगर
उत्तराखण्ड के जिले (Districts of Uttarakhand)
उत्तराखंड राज्य के 13 जिलों के नाम और उनके स्थापना वर्ष, मुख्यालय और उनके क्षेत्रफल का वर्णन निम्न तालिका में दिया गया है –
क्रम संख्या | जनपद का नाम | मुख्यालय | क्षेत्रफल (वर्ग किलोमीटर में) | स्थापना | मंडल |
1. | देहरादून | देहरादून | 3,088 | 1871 | गढ़वाल |
2. | हरिद्वार | रोशनाबाद | 2,360 | 28 दिसम्बर 1988 | गढ़वाल |
3. | चमोली | गोपेश्वर | 8,030 | 24 फ़रवरी 1960 | गढ़वाल |
4. | पौड़ी गढ़वाल | पौड़ी | 5,329 | 1969 | गढ़वाल |
5. | रुद्रप्रयाग | रुद्रप्रयाग | 1,984 | 16 सितम्बर 1997 | गढ़वाल |
6. | टिहरी गढ़वाल | नई टिहरी | 3,642 | 1949 | गढ़वाल |
7. | उत्तरकाशी | उत्तरकाशी | 8,016 | 24 फ़रवरी 1960 | गढ़वाल |
8. | अल्मोड़ा | अल्मोड़ा | 3,139 | 1891 | कुमाऊँ |
9. | पिथौरागढ़ | पिथौरागढ़ | 7,090 | 24 फ़रवरी 1960 | कुमाऊँ |
10. | बागेश्वर | बागेश्वर | 2,246 | 15 सितम्बर 1997 | कुमाऊँ |
11. | नैनीताल | नैनीताल | 4,251 | 1891 | कुमाऊँ |
12. | ऊधम सिंह नगर | रुद्रपुर | 2,542 | 30 सितम्बर 1995 | कुमाऊँ |
13. | चम्पावत | चम्पावत | 1,766 | 15 सितम्बर 1997 | कुमाऊँ |
उत्तराखण्ड के जिलों से सम्बंधित महत्वपूर्ण पॉइंट्स –
- वर्ष 1790 से पूर्व उत्तराखण्ड दो भागों में बंटा हुआ था – कुमाऊँ और गढ़वाल। कुमाऊँ क्षेत्र में चंद वंश का शासन था और गढ़वाल क्षेत्र में पंवार वंश का राज था। 1790-91 के दौरान उत्तराखण्ड के इन दोनों क्षेत्रों पर नेपाल के गोरखों ने आक्रमण किया और कुमाऊँ और गढ़वाल (1804 में जीता) दोनों क्षेत्रों को गोरखों ने अपने अधीन कर लिया। गोरखों ने कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों पर वर्ष 1815 तक शासन किया। बाद में अंग्रेजी हुकूमत की सहायता से गोरखों को इन क्षेत्रों से बाहर कर काली नदी (शारदा नदी) के पार किया गया और 1816 में सुगौली की संधि पर हस्ताक्षर हुए (Treaty of Sugauli)।
- सुगौली की संधि के बाद गोरखों को वापिस नेपाल जाना पड़ा और अंग्रेजों ने गढ़वाल के पूरे क्षेत्र में से राजा सुदर्शन साह को वर्तमान के टिहरी और उत्तरकाशी सौंप दिया। जबकि पौड़ी गढ़वाल, चमोली और रुद्रप्रयाग को कुमाऊँ मंडल में शामिल कर इसपर अंग्रेजों ने 1947 में देश आज़ाद होने तक शासन किया।
- इस प्रकार उत्तराखण्ड कुमाऊँ और गढ़वाल के क्षेत्रों में अंग्रेजों का शासन और टिहरी राज्य में पंवार वंश का शासन शुरू हुआ। टिहरी राज्य का भारतीय संघ में 1 अगस्त 1949 को विलय हुआ था, इससे पूर्व यहाँ पर राजशाही थी। टिहरी रियासत के भारतीय संघ में विलय के दौरान पंवार वंश के 60वें शासक मानवेन्द्र शाह थे।
- कुमाऊँ क्षेत्र में अंग्रेजों के आगमन के साथ ही 8 मई 1815 को ई. गार्डनर को कुमाऊँ मंडल का पहला कमिश्नर बनाया गया था (First Commissioner of Kumaon Division)।
- वर्ष 1969 में गढ़वाल मंडल की स्थापना की गयी थी और इसका मुख्यालय पौड़ी में स्थापित किया गया था।
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 28 दिसम्बर 1988 को हरिद्वार जनपद की स्थापना की गयी थी। 9 नवम्बर 2000 को उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के समय हरिद्वार गढ़वाल मंडल के अंतर्गत जिला बना। इससे पहले हरिद्वार सहारनपुर डिवीज़न का हिस्सा था।
- ब्रिटिश शासन के दौरान नैनीताल, संयुक्त प्रान्त की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: उत्तराखंड राज्य में कुल कितने जिले हैं?
उत्तर: उत्तराखंड राज्य में कुल 13 जिले हैं।
प्रश्न 2: उत्तराखंड राज्य के जिलों को कितने मंडलों में विभाजित किया गया है?
उत्तर: उत्तराखंड राज्य के जिले दो मंडलों में विभाजित हैं – गढ़वाल मंडल और कुमाऊँ मंडल।
प्रश्न 3: गढ़वाल मंडल और कुमाऊँ मंडल का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर: गढ़वाल मंडल का मुख्यालय पौड़ी में और कुमाऊँ मंडल का मुख्यालय नैनीताल में स्थित है।
प्रश्न 4: उत्तराखंड के कौन-कौन से जिले गढ़वाल मंडल के अंतर्गत आते हैं?
उत्तर: गढ़वाल मंडल के अंतर्गत 7 जिले आते हैं – चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, और उत्तरकाशी।
प्रश्न 5: कुमाऊँ मंडल के अंतर्गत कौन-कौन से जिले आते हैं?
उत्तर: कुमाऊँ मंडल के अंतर्गत 6 जिले आते हैं – अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, और ऊधम सिंह नगर।
प्रश्न 6: क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तराखंड के सबसे बड़े और सबसे छोटे जिले कौन से हैं?
उत्तर: क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तराखंड का सबसे बड़ा जिला चमोली (8,030 वर्ग किलोमीटर) है, जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला चम्पावत (1,766 वर्ग किलोमीटर) है।
प्रश्न 7: कुमाऊँ क्षेत्र का पहला कमिश्नर कौन है?
उत्तर – एडवर्ड गार्डनर कुमाऊँ क्षेत्र के पहले कमिश्नर थे।
प्रश्न 8: 1857 ई. के विद्रोह के दौरान कुमाऊँ का कमिश्नर कौन था? (UKSSSC Junior Assistant 2018)
उत्तर – 1857 ई. के विद्रोह के दौरान कुमाऊं का कमिश्नर सर हेनरी रैमजे थे।
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