Introduction to Class 6 Civics Chapter 1 Notes and Solutions
इस ब्लॉग में हम कक्षा 6 NCERT की सामाजिक विज्ञान (Social Science) (class 6 political science ncert) की किताब सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन-1 (Social and Political Life – I) के पहले अध्याय विविधता की समझ (Understanding Diversity) के नोट्स पढेंगे| साथ ही अध्याय के प्रश्नों के उत्तर (class 6 civics chapter 1 questions and answers) भी देखेंगे|
सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन-1 के पहले पाठ विविधता की समझ (Understanding Diversity) की हाइलाइटेड PDF फाइल (civics class 6 ncert pdf) भी आपको उपलब्ध करायी जाएगी|
Civics Class 6 Chapter 1 – विविधता की समझ (Understanding Diversity)
यदि हम अपनी कक्षा में या आस-पास के लोगों को गौर से देखें तो हमें यह पता चलता है कि हम सब एक-दूसरे से किसी न किसी तरीके से अलग हैं|
रंग-रूप से, धर्म से, रहन-सहन से, खाने-पीने से, भाषा से, त्योहार से हम सब लोगों में भिन्नता है| यही भिन्नताएं हमारे जीवन को अलग अलग तरीकों से रोचक और समृद्ध बनाती हैं|
इन सभी भिन्नताओं के कारण हमारे देश भारत में विविधता (diversity in India) है|
यदि तीन लोगों से एक चित्र बनाने को बोला जाये, तो हम पाएंगे की तीनों द्वारा बनाये गए चित्रों में भिन्नताएं होंगी, क्यूंकि सभी का चित्र बनाने का अपना अलग तरीका है|
जिस प्रकार हमारे द्वारा बनाये गए चित्र अलग हैं वैसे ही हमारे रंग-रूप और खान-पान में भी भिन्नता है|
यदि आपकी कक्षा में अध्यापक द्वारा कोई प्रश्न पूछा जाये तो शायद सबके उत्तर अलग-अलग होंगे| ऐसे कई मामले हैं जिनमें हम अपने साथियों जैसे हैं हैं और कई मामलों में हम अपने साथियों से बिल्कुल अलग हैं|
दोस्ती करना
विविधता की समझ किताब में (Social and Political Life 1) दो दोस्तों की कहानी बताई गयी है उसी कहानी को छोटे रूप में बता रहें हैं|
कहानी का उद्देश्य हमें विविधता के बारे में समझाना है|
कहानी दो दोस्तों की है जिनकी दोस्ती अख़बार के कारण होती है| एक लड़का जो अख़बार बेचता था और एक लड़का जो अख़बार खरीदता था| संयोगवश दोनों का नाम समीर होता है| उनमें से एक हिन्दू और दूसरा मुसलमान होता है| हिन्दू लड़के को हिंदी और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होता है जबकि मुस्लिम लड़के को सिर्फ हिंदी भाषा का ज्ञान होता है|
इससे हमें विविधता के बारे में मालूम होता है कि एक को अंग्रेजी अच्छे से बोलनी आती हैं और दूसरा सिर्फ हिंदी में बात करता है| दोनों अलग-अलग धर्म और संस्कृति से जुड़े हुए हैं| एक समीर हिन्दू है तो दूसरा समीर मुसलमान है| खाना-पीना, पहनावा, भाषा और धर्म में भिन्नताएं भी विविधता के पहलू हैं|
धार्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं के अलावा भी दोनों समीर एक-दूसरे से अलग थे| जैसे एक समीर ने स्कूल में पढाई की थी और दूसरा समीर अख़बार बेचता था|
दोनों दोस्तों की कहानी में हमने यह भी जाना कि एक समीर को स्कूल जाने का मौका नहीं मिला|
गैर-बराबरी (Inequality)– हमारे आस-पास बहुत से ऐसे लोग हैं जो गरीब हैं और वे अपने भोजन, घर और कपड़े का भी प्रबंध नहीं कर पाते हैं| यहाँ हमें यह समझना है कि गरीबी विविधता का रूप नहीं है, बल्कि गरीबी गैर-बराबरी (Inequality) का रूप है|
गैर-बराबरी का मतलब है उन गरीब लोगों के पास न तो अवसर हैं, न ही जमीन हैं और न ही पैसे हैं जबकि अमीर लोगों के पास ये सारी चीज़ें मौजूद हैं| इसलिए अमीरी और गरीबी विविधता का रूप नहीं है बल्कि यह लोगों के बीच की असमानता यानी गैर-बराबरी है|
जाति व्यवस्था भी असमानता का एक उदाहरण है| जाति व्यवस्था में समाज के लोगों को अलग-अलग समूह में बांटा गया है (Caste System in India)।

प्राचीन काल में लोगों को जाति व्यवस्था के आधार पर बांटने का मुख्य आधार यह था कि लोग किस-किस तरह का कार्य करते हैं। लोग जिस भी जाति में पैदा होते थे उसे नहीं बदल सकते थे जैसे उदाहरण के लिए यदि कोई कुम्हार के घर में पैदा हुआ है तो उसकी जाति कुम्हार होती थी और वह व्यक्ति पेशे से हमेशा कुम्हार ही रहता वह अपना पेशा कभी नहीं बदल सकता था। इस वजह से समाज में गैर बराबरी (Inequality) पैदा हुई।
विविधता हमारे जीवन को कैसे समृद्धि करती है?
हम सभी के घर में अलग-अलग प्रकार का खाना बनता है, अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं हमारे कपड़े पहनने का ढंग अलग-अलग है और हम सब की भाषाएं भी अलग-अलग है।
हम सबको कहानी भी अलग-अलग प्रकार की पसंद है जैसे जानवरों की कहानियां, राजा-रानियों की कहानी, साहसिक घटनाओं या भूतों की कहानियां। हम में से बहुतों को कहानी लिखना भी बहुत पसंद है और कहानी पढ़ने से हमें खुशी मिलती है।
कहानी बनाने वाले लोग भी अलग-अलग स्रोतों से प्रेरणा लेते हैं। जैसे जो लोग जंगल के जानवरों के नजदीक रहे हैं उन्होंने जानवरों की दोस्ती व लड़ाइयों के बारे में कहानी लिखी है।
कुछ लोगों ने राजा और रानियां के वृत्तांत को पढ़कर प्यार और सम्मान के किस्से लिखे हैं। कुछ ने अपने बचपन में स्कूल और दोस्तों की यादों से प्रेरणा लेकर साहस की कहानी लिखी हैं।
यदि सभी कहानी लिखने वाले एक ही स्थान में रहते और एक ही प्रकार के कपड़े पहनते एक ही प्रकार का खाना खाते और एक ही प्रकार के जानवरों को देखते तो शायद वह अलग-अलग प्रकार की कहानी कभी नहीं लिख पाते|
इससे हमें यह पता चलता है कि विविधता हमारे जीवन में बहुत आवश्यक है।
भारत में विविधता (Diversity in India)
भारत विविधताओं का देश है। हम भारतवासी अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, अलग-अलग प्रकार का खाना खाते हैं और अलग-अलग त्योहार मनाते हैं साथ ही अलग-अलग धर्म का पालन करते हैं। लेकिन गौर से देखा जाए तो हम सभी लोग एक ही प्रकार का कार्य करते हैं बस हमारे करने के तरीके अलग-अलग होते हैं
हम विविधता को कैसे समझें? (How do we explain Diversity?)
आज से सौ-सवा दो सौ साल पहले जब मनुष्य के पास रेल, हवाई जहाज, बस और कार जैसे आधुनिक संसाधन नहीं होते थे तब भी मनुष्य एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते थे।
अक्सर यह यात्राएं खेती और नयी जगह पर बसने के लिए नई जमीन की तलाश के लिए की जाती थी या फिर व्यापार के वजह से की जाती थी। उस समय यात्राएं करने के लिए बहुत समय लगता था इसलिए लोग नई जगह पर जाकर बहुत लंबे समय तक वहीं रुक जाते थे। इसके अलावा सूखा पड़ने या अकाल के कारण लोग अपना घर-बार छोड़ देते थे।
लोगों को जब एक जगह पर ठीक ढंग से खाना नहीं मिलता था तो वे नई जगह की तलाश करते थे ताकि वहां पर खेती की जा सके। साथ ही बहुत से लोग काम की तलाश के लिए और कुछ लोग युद्ध के कारण अपना घर-बार छोड़ देते थे और नई जगह पर जाकर बस जाते थे।
भौगोलिक विवधता को समझने के लिए हम भारत के दो बड़े भागों लद्दाख और केरल (Ladakh and Kerala) के जरिए यह समझने की कोशिश करेंगे कि किसी क्षेत्र की विविधता में उसके ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों का क्या असर पड़ता है।

लद्दाख (Ladakh) भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है। यह एक पहाड़ी रेगिस्तानी इलाका है। लद्दाख में बहुत ही कम खेती होती है क्योंकि इस क्षेत्र में बिल्कुल बारिश नहीं होती और यह इलाका पूरे वर्ष बर्फ से ढका रहता है। लद्दाख में बहुत ही कम पेड़ पाए जाते हैं और यहां के लोग पीने के पानी के लिए बर्फ पर निर्भर होते हैं।
लद्दाख के लोग एक खास किस्म की भेड़ पालते हैं जिससे पश्मीना ऊन मिलता है। यह ऊन बहुत ही कीमती होता है जिसके कारण पश्मीना शॉल महंगी होती है। लद्दाख के लोग भेड़ों से पश्मीना ऊन इकट्ठा करके कश्मीर के व्यापारियों को बेच देते हैं और पश्मीना शॉल (pashmina shawl) की बुनाई मुख्य रूप से कश्मीर में ही होती है।
लद्दाख के लोग दूध से बने पदार्थ जैसे मक्खन चीज़ (Cheese) एवं मांस खाते हैं।
रेगिस्तानी इलाका होने के बावजूद लद्दाख व्यापार के लिए एक अच्छा स्थान था क्योंकि यहां कई घाटियां हैं जिससे गुजर कर मध्य एशिया के काफिले तिब्बत पहुंचते थे। यह काफिले अपने साथ मसाले, कच्चा रेशम और दरियां आदि लेकर चलते थे।
लद्दाख के रास्ते ही बौद्ध धर्म तिब्बत पहुंचा था। लद्दाख को छोटा तिब्बत (Little Tibet) भी कहते हैं।
करीब 400 साल पहले लद्दाख में लोगों का इस्लाम धर्म से परिचय हुआ।
लद्दाख में गानों और कविताओं का एक समृद्ध मौखिक संग्रह है।
तिब्बत का ग्रंथ केसर सागा (Tibetan national epic the Kesar Saga) लद्दाख में प्रचलित है।
केसर सागा (Kesar Saga) के स्थानीय रूप को मुसलमान और बौद्ध दोनों ही लोग खाते हैं और उसे पर नाटक खेलते हैं।
अब बात करते हैं केरल (Kerala) राज्य की| केरल भारत के दक्षिण पश्चिम कोने में स्थित एक राज्य है। केरल एक तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है और दूसरी तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ है।
केरल के पहाड़ी इलाके में मसाले जैसे लौंग, इलायची, काली मिर्च आदि उगाए जाते हैं। इन्हीं मसालों के लिए यह क्षेत्र व्यापारियों के लिए एक आकर्षित केंद्र बना।
सर्वप्रथम केरल में अरबी एवं यहूदी व्यापारी आए थे। मान्यता है कि ईसा मसीह के धर्मदूत संत थॉमस (St. Thomas The Apostle of Christ) केरल आए थे और भारत में ईसाई धर्म लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है। केरल में बहुत से अरबी व्यापारी आकर बस गए थे।
जब वास्कोडिगामा (Vasco Da Gama) पानी के जहाज से केरल के कोझिकोड पहुंचे तो पुर्तगालियों ने यूरोप से भारत तक का समुद्री रास्ता जाना।
इन सभी ऐतिहासिक प्रभावों से केरल में विभिन्न धर्मों जैसे हिन्दू, मुस्लिम, यहूदी, बौद्ध, ईसाई धर्म के लोग रहते हैं।
केरल की जलवायु और उपजाऊ जमीन के करना वहां चावल की खेती अच्छी होती है और वहां के लोग मछली, सब्जी और चावल अधिक खाते हैं।
लद्दाख और केरल के उदाहरण से हमें पता चलता है कि दोनों की भौगोलिक स्थितियां बिल्कुल अलग-अलग हैं और दोनों ही क्षेत्रों ने चीन और अरब से आने वाले व्यापारियों को प्रभावित किया।
एक और केरल ने अपनी भौगोलिक स्थिति से मसाले और चावल की खेती संभव बनाई वहीं दूसरी ओर लद्दाख ने ऊन के व्यापारियों को अपनी ओर आकर्षित किया।
इससे हमें यह पता चलता है कि किसी भी क्षेत्र के सांस्कृतिक जीवन का उसके इतिहास और भूगोल से रिश्ता होता है।
विविध संस्कृतियों का प्रभाव सिर्फ प्राचीन काल में ही नहीं वर्तमान जीवन में भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है।
विविधता में एकता (Unity in Diversity)
भारत की विविधता या अनेकता को उसकी ताकत का स्रोत माना जाता है। जब ब्रिटिश सरकार का भारत में शासन था तो भारत के विभिन्न धर्मों, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग, महिलाएं और पुरुषों ने मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की थी।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अलग-अलग परिवेशों के लोग शामिल थे।
सभी ने एकजुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ विरोध किया था। अंग्रेजों का मानना था कि भारत के लोगों में काफी विविधता है तो लोगों के बीच में फूट डालकर राज किया जा सकता है। लेकिन फिर भी भारत के लोगों ने एकजुट होकर भारत को अंग्रेजों से आजादी दिलाई।
जलियांवाला बाग हत्याकांड (Jallianwala Bagh massacre) में ब्रिटिश जनरल द्वारा निहत्थे विभिन्न समुदाय के लोगों, पुरुषों और महिलाओं पर गोलियां चलवाई थी। जलियांवाला बाग़ हत्याकांड पर आधारित एक कविता लिखी गयी थी जिसके शब्द इस प्रकार हैं:
दिन खून के हमारे, प्यारे न भूल जाना खुशियों में अपनी हम पर, आँसू बहा के जाना
सैयाद ने हमारे, चुन-चुन के फूल तोड़े
वीरान इस चमन में, कोई गुल खिला के जाना दिन खून के हमारे…
गोली खा के सोये, जलियाँ बाग में हम
सूनी पड़ी कब्र पर, दिया जला के जाना
दिन खून के हमारे…
हिंदू औ’ मुस्लिमों की, होती है आज होली
बहते हैं एक रंग में, दामन भीगो के जाना
दिन खून के हमारे…
कुछ जेल में पड़े हैं, कुछ क़ब्र में गड़े हैं
दो बूँद आँसू उनपर, प्यारे बहा के जाना
दिन खून के हमारे…
– भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा)
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ही हमारे भारत के झंडे की परिकल्पना की गई थी। भारत के झंडे को सभी लोगों द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ बगावत में इस्तेमाल किया गया।
जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखी गई किताब “भारत की खोज” (The Discovery of India) में उन्होंने लिखा है कि भारतीय एकता कोई बाहर से थोपी हुई चीज नहीं है, बल्कि “यह बहुत ही गहरी है इसके अंदर अलग-अलग तरह के विश्वास और प्रथाओं को स्वीकार करने की भावना है। इसमें विविधता को पहचानना और प्रोत्साहित किया जाता है।”
जवाहरलाल नेहरू द्वारा ही भारत की विविधता का वर्णन करते हुए ‘अनेकता में एकता’ का विचार हमें दिया गया।
भारत के राष्ट्रगान “जन गण मन…..” को रवीन्द्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) द्वारा लिखा गया था।
कक्षा 6 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन अध्याय 1 पीडीएफ (Civics NCERT Class 6 Chapter 1 PDF)
कक्षा 6 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन-1 (Social and Political Life – I) के पहले अध्याय विविधता की समझ (Understanding Diversity) के अध्याय 1 की हाइलाइटेड PDF फाइल को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें|
प्रश्नोत्तर – Class 6 Civics Chapter 1 questions and answers
अभ्यास
1. अपने इलाके में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों की सूची बनाइए। इनमें से कौन-से त्योहार सभी समुदायों द्वारा मनाए जाते हैं?
उत्तर-
हमारे इलाके में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों की सूची निम्नलिखित है:
- दीपावली (Diwali)
- होली (Holi)
- ईद (Eid)
- क्रिसमस (Christmas)
- गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)
- दुर्गा पूजा (Durga Puja)
- रक्षाबंधन (Raksha Bandhan)
- मकर संक्रांति (Makar Sankranti)
- पोंगल (Pongal)
- बैसाखी (Baisakhi)
- ओणम (Onam)
- गुरुपर्व (Gurpurab)
- महा शिवरात्रि (Maha Shivratri)
- बकरीद (Bakrid)
- स्वतंत्रता दिवस (Independence Day)
- नव वर्ष (New Year)
- गाँधी जयंती (Gandhi Jayanti)
इनमें से कुछ त्योहार जो सभी समुदायों द्वारा मनाए जाते हैं वे हैं:
- नव वर्ष (New Year)
- स्वतंत्रता दिवस (Independence Day)
- गाँधी जयंती (Gandhi Jayanti)
2. आपके विचार में भारत की समृद्ध एवं विविध विरासत आपके जीवन को कैसे बेहतर बनाती है।
उत्तर-
हमारा देश भारत विविधताओं से भरा हुआ देश है| भारत की समृद्ध एवं विविध विरासत के कारण ही हम अलग अलग प्रकार के भोजन, वस्त्र, भाषाएँ, रहन-सहन सीखते हैं|
विविधता होने के कारण हमें अलग-अलग भाषाओं और लेखकों द्वारा लिखी गयी रचनाएँ पढ़ने और ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलता है|
अलग-अलग संस्कृतियों से हमें कला, संगीत, नृत्य आदि की जानकारी मिलती है|
भारत में अनेकों भाषाएँ बोली जाती हैं| बहुत सी भाषाएँ बोलने से हमें अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान प्राप्त होता है|
3. आपके अनुसार ‘अनेकता में एकता’ का विचार भारत के लिए कैसे उपयुक्त है? भारत की खोज किताब से लिए गए इस वाक्यांश में नेहरू भारत की एकता के बारे में क्या कहना चाह रहे हैं?
उत्तर-
जवाहरलाल नेहरू की पुस्तक ‘भारत की खोज‘ (The Discovery of India) में ‘अनेकता में एकता’ के विचार को प्रस्तुत किया गया है। नेहरू ने बताया कि भारत की संस्कृति विभिन्न धर्मों, भाषाओं और परंपराओं का संगम है, जिसने हमारे देश भारत को एक अनूठी पहचान दी है। साथ ही राष्ट्रीय भावनाओं को दिखाते हुए बताया है कि कैसे अलग-अलग धर्म होने के बावजूद सबने एकजुट होकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी|
4. जलियाँवाला बाग हत्याकांड के ऊपर लिखे गए गाने की उस पंक्ति को चुनिए जो आपके अनुसार भारत की एकता को निश्चित रूप से झलकाती है।
उत्तर-
पूरी कहानी ऊपर लिखी गयी है (उसे पढ़ें)|
दिन खून के हमारे, प्यारे न भूल जाना…………………….. दो बूँद आँसू उनपर, प्यारे बहा के जाना।
यह गीत जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के बाद लिखा गया था|
गीत की वे पंक्तियाँ जो हमारे भारत की एकता को दिखाती हैं-
हिंदू औ’ मुस्लिमों की, होती है आज होली
बहते हैं एक रंग में, दामन भीगो के जाना
5. लद्दाख एवं केरल की तरह भारत का कोई एक क्षेत्र चुनिए और अध्ययन कीजिए कि कैसे उस क्षेत्र की विविधता को ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों ने प्रभावित किया है। क्या ये ऐतिहासिक एवं भौगोलिक कारक आपस में जुड़े हुए हैं? कैसे?
उत्तर-
भारत का एक क्षेत्र जिसे हम चुन सकते हैं वह है पंजाब। पंजाब की विविधता को ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों ने कैसे प्रभावित किया है, इसके बारे में जानते हैं-
भौगोलिक कारक:
✔ पंजाब की भौगोलिक स्थिति की बात करें तो यहां की भूमि मुख्य रूप से उपजाऊ मैदाने से भरी है। सतलुज, व्यास और रावी नदी के पानी से इस क्षेत्र के उपजाऊ भूमि को पानी की कमी नहीं होती है।
✔ पंजाब में सभी प्रकार के मौसम होते हैं जैसे गर्मियां, सर्दियां और मानसून जिससे फसलों और खेती में विविधता देखने को मिलती है।
ऐतिहासिक कारक-
✔ पंजाब का क्षेत्र सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) का हिस्सा रहा है।
✔ पंजाब भूगोल की दृष्टि से भारत में आक्रमण के लिए विदेशी शासकों के लिए एक प्रमुख मार्ग था।
✔ पंजाब क्षेत्र में सिखों, मौर्यों, मुगलों और अंग्रेजों द्वारा शासन किया गया, जिससे हमें पंजाब में अनेकों संस्कृतियों, धर्म, भाषा, पहनावा और खान-पान की छाप देखने को मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs on Civics Class 6 Chapter 1)
1. वास्को द गामा किस वर्ष भारत पहुंचा था?
वास्को द गामा (Vasco da Gama) 1498 ईस्वी में भारत पहुंचा था।
2. भारत के राष्ट्रगान “जन गण मन” को किसने लिखा था?
भारत के राष्ट्रगान “जन गण मन” को रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था।
3. “भारत की खोज” (The Discovery of India) किताब के लेखक कौन हैं?
जवाहरलाल नेहरू
4. केरल की राजधानी क्या है?
तिरुवनंतपुरम
5. लद्दाख भारत का केंद्रशासित प्रदेश कब बना?
लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 को एक संघ क्षेत्र (Union Territory) बना।
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